(आशीष सिंघल) 

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त मेडिकल नशेखोरी, ड्रग्स के खिलाफ अपनी लड़ाई के अनुभवों को युवकों से साझा करते रहे हैं। वह नहीं चाहते कि कोई भी युवा किसी भी तरह के नशे के चुंगल में फंसे। यही वजह है कि वह इन दिनों एक बहुत बड़े नशा विरोधी अभियान का समर्थन कर रहे हैं। संजय दत्त ने रविवार को एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु के "ड्रग फ्री इंडिया" अभियान को समर्थन देने की घोषणा करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। संजय दत्त ने लिखा 'में हमेशा भारत से ड्रग की लत को खत्म करने के लिए कुछ करना चाहता था। ड्रग फ्री इंडिया अभियान उसी ओर एक कदम है। मेरे व्यक्तिगत बुरे अनुभवों के कारण, यह मेरे दिल के बहुत करीब है। युवा समाजसेवी इकलाख अब्बासी ने कहा कि संजय दत्त की तरह बड़ा दिल दिखाते हुए देशभर के वरिष्ठ व्यक्तियों को आगे आकर नशा मुक्ति अभियान को कामयाब बनाने के लिए भूमिका निभानी होगी। पंजाब, उत्तर प्रदेश आदि राज्यो में नशा मुक्ति अभियान के साथ ही नशेखोरी और ड्रग से "बेटा बचाओ अभियान" चलाया जा रहा है। देश का बुद्धिजीवी वर्ग बहुत समय से कह रहा है कि नशे के खिलाफ चुप रहने का मतलब है कि आने वाले समय में हालात बद से बदतर हो जाएंगे। देश के लगभग सभी प्रांतों में नशाखोरी महामारी बनकर सामने आ रही है। युवाओ का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। अपराधों में बेहिसाब बढ़ोतरी में मुख्य कारण नशे की लत है। बढ़ते घरेलू झगड़ो व बढ़ती बेरोजगारी के पीछे भी मुख्य वजह नशेखोरी ही है। देशभर में पुलिस प्रशासन हालात बहुत ज्यादा खराब होने पर अब गंभीर हुआ है। नशे के काले कारोबार से जुड़े छोटे बड़े तस्करों पर कठोर कार्यवाही की जा रही है। आबादी क्षेत्रों में स्कूल कॉलेज के आसपास खुलेआम नशे की बिक्री आम बात बनी हुई थी। जहरीली शराब से हाल फिलहाल के दिनों में ही सैकड़ों मौत उत्तर प्रदेश उत्तराखंड आदि राज्यों में हुई है जबकि धीमे जहर मेडिकल ड्रग से मरने वालों की तादात बहुत ज्यादा है। मुंबई जैसे किसी बड़े मेट्रो शहर के आंकड़ों की बात क्या करे छोटे छोटे कस्बों में नशे से होने वाली मौतों का आंकड़ा डराने वाला है। अकेले एक कस्बे में धीरे धीरे कुछ वर्षो में ही 500 से अधिक युवाओ की मौत हो चुकी है। जिसके घर में ड्रग से मौत होती है वो न तो कोई रिपोर्ट दर्ज कराता है और न ही मृत्यु प्रमाण पत्र के फॉर्म भरने में नशे से हुई मौत का कारण लिखता है। देश के मौजूदा युवा वर्ग और आने वाली पीढ़ियों को बचाने के लिए समस्त धार्मिक स्थलों व धर्म गुरुओं, पत्रकारों, राजनैतिक पार्टियों से जुड़े लोगों, सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों को निर्भीकता से आगे बढ़ कर ड्रग फ्री इंडिया अभियान को चलाना ही होगा। नशे विरोधी पोस्टर बैनर लगाने होंगे। संजय दत्त के समर्थन से देशभर में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली है। ज्यादा से ज्यादा लोग सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया आदि तरीकों से नशा मुक्ति अभियान का हिस्सा बने। देश के युवा वर्ग की यह मांग है कि देशभर में हुई नोटबंदी की तरह बिहार की तर्ज पर सभी राज्यों में नशाबंदी भी होनी चाहिए, देश में बड़ी संख्या में युवा नशे की लत की चपेट में है। संजय दत्त की तरह मजबूत इच्छा शक्ति से नशे की लत से बाहर निकल सकते हैं। देशभर से समर्थन मिल रहा है ड्रग फ्री इंडिया अभियान को।
साभार इकलाख अब्बासी 
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