रबूपुरा डेडलाइन 

डकैती मामले में पुलिस द्वारा उठाए गए संदिग्ध युवकों के परिजनों के हंगामे के बाद बैकफुट पर आई पुलिस ने बुधवार को उन्हें छोड़ दिया। हालांकि पुलिस ने अभी उन्हें पूरी तरह से क्लीनचिट नहीं दी है। युवकों के छूटने पर उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। उधर डकैती मामले में पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।
गांव मिर्जापुर निवासी किसान नेता सुरजन सिंह के घर गत 25/26 अक्टूबर की रात को नकाबपोश अज्ञात बदमाशों ने धावा बोलते हुए बच्चे को गनपॉइंट पर लेकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। बदमाश घर में रखी पांच लाख की नकदी व करीब तीन लाख का अन्य कीमती सामान ले गए थे। पुलिस ने मामले में पूछताछ के लिए गांव रोनिजा व मिर्जापुर निवासी कुछ युवकों को हिरासत में लिया था। पिछले कई दिनों से युवक पुलिस की हिरासत में थे। इससे गुस्साए युवकों के परिजनों ने मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में रबूपुरा कोतवाली पहुंचकर हंगामा किया था। हंगामे के दौरान कुछ महिलाओं ने आत्मदाह का भी प्रयास किया था। परिजनों ने हिरासत में रखे गए युवकों को निर्दोष बताते हुए पुलिस द्वारा उन्हें मामले में झूंठा फ़साने की कोशिश का आरोप लगाया था। परिजनों का आरोप था कि पुलिस पकड़े गए युवकों पर थर्ड डिग्री का प्रयोग कर जबरदस्ती डकैती की वारदात को कबूल करवाना चाहती है। मामले को लेकर पूरे दिन रबूपुरा कोतवाली में अफरा तफरी का माहौल बना रहा। आधा दर्जन थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे एसपी देहात रणविजय सिंह व सीओ शरतचन्द्र ने स्थिति को सम्भाला। एसपी ने लोगों को आस्वादन देकर शांत कराया था। उधर लोगों के हंगामे के बाद पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा और बुधवार की सुबह हिरासत में लिये गए युवको को उनके परिजनों को सौंप दिया
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