रेनू शर्मा.....



नोएडा, 5 दिसम्बर 2019। जनपद के सार्वजिनिक स्थान, माँल, निजी व सरकारी दफ्तरों में 8 दिसम्बर (रविवार) से तम्बाकू पदार्थों का सेवन सख्त रूप से वर्जित हो जाएगा। जिला अधिकारी के आदेश पर जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ इन क्षेत्रों को तम्बाकू निषेध क्षेत्र घोषित करने जा रहा है। उल्लंघन करने पर कोटपा एक्ट 2003 (सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम) के तहत कार्रवाई की जाएगी।

यह जानकारी जिला तम्बाकू नियंत्रण विभाग के नोडल अधिकारी एसीएमओ डा. सुनील दोहरे ने दी। उन्होंने बताया कोटपा अधिनियम के तहत जिला अधिकारी के आदेश पर 8 दिसम्बर से जनपद के सार्वजिनिक स्थान, माँल, औद्धोगिक, निजी व सरकारी दफ्तरों को तम्बाकू निषेध क्षेत्र घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया सभी को नोटिस देकर यह जानकारी दे दी गयी है। 8 दिसम्बर के बाद यदि कोई इन स्थानों पर नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की सलाहकार डा. श्वेता खुराना ने बताया यह आदेश जनपद में स्थित बीएसएनएल, इनकम टैक्स सहित सभी केन्द्रीय विभागों के कार्यालयों में भी लागू होगा। उन्होंने बताया यदि किसी भी दफ्तर में कोई आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ तो कोटपा 2003 के तहत कार्रवाई होगी ही, साथ ही विभागाध्यक्ष पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया इससे पहले स्कूल-कालेजों को तम्बाकू निषेध क्षेत्र घोषित किया जा चुका है। स्कूल-कालेजों के 100 गज के दायरे में तम्बाकू पदार्थ बेचने पर प्रतिबंध है। उन्होंने बताया स्कूलों के आसपास तम्बाकू पदार्थों की बिक्री करने पर विभाग कई दुकानदारों से जुर्माना वसूल चुका है। पिछले दिनों नोएडा सेक्टर 50 स्थित कोठारी इंटरनेशनल स्कूल, 125 स्थित एमिटी स्कूल, 39 स्थित राजकीय डिग्री कालेज, 12 स्थित राजकीय इंटर कालेज और ग्रेटर नोएडा के नालेज पार्क1-2-3 में दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई कर जुर्माना वसूला गया।

कार्रवाई में लेते हैं पुलिस की मदद

डा. खुराना ने बताया अभियान के दौरान कार्रवाई करने में क्षेत्रीय पुलिस की मदद ली जाती है। आदेश के उल्लघंन करने पर 200 रूपये के जुर्माने का प्रावधान है। जुर्माना अदा न करने पर व्यक्ति विशेष को पुलिस को सौंप दिया जाता है। इसमें छह माह तक की सजा का प्रावधान है।

ई सिगरेट पर बैन

ईसिगरेट की बिक्री शासन की तरफ से पूरी तरह प्रतिबंधित है। सितम्बर 2019 से इसके उत्पादन, बिक्री, निर्यात, आयात, भंडारण पर प्रतिबंध है। ई सिगरेट नियमों का पहली बार उल्लंघन करने पर एक लाख रूपये जुर्माना और एक साल की सजा हो सकती है। बार-बार अपराध करने पर तीन साल की जेल और 5 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
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