(आशीष सिंघल दनकौर)


आज के विराट कवि सम्मेलन में अशोक चारण, सुनहरी लाल तुरंत, भुवन मोहिनी, शंभू शिखर, चिराग जैन मनीषा शुक्ला, पवन दीक्षित दनकौरी,  पार्थ नवीन, कुशल कुशवाहा, जाने-माने अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मशहूर शायर और गीतकार कवि शिरकत फरमा रहे हैं। ...............
मेरी रखवाली को हर सू बैठा है,,,
मुझको क्या घबराना जब तू बैठा है,,,!
ये सिर्फ एक शेर ही नहीं हैं ज्यादातर लोगों की जिन्दगी का ये फलसफा़ होता हैं...
बात सिर्फ यही आकर नहीं रूकती हैं----
कवि/शायर आज के हालात ओर आम लोगों की जिन्दगी देखकर फिर ये कहता हैं...

माँ रोज़ जेब देखे है, बेरोज़गार की
बेटे की जेब में कहीं सल्फास तो नहीं
बात इस से आगे बढी तो फिर कवि/शायर ये भी कहता हैं...
लाख दुनिया के रंजो ग़म लेंगे
तेरे एहसान अब न हम लेंगे

अबके अम्मा की आंख बननी है
आज से दूध थोड़ा कम लेंगे
आखिर मे कुछ बहेतरीन शेर

बुरे लोग दुनिया का ख़तरा नहीं
शरीफ़ों की चुप्पी खतरनाक है

मज़हब के नारे लगवा दो
और गदर को चइयै क्या?

सर पे हो उस्ताद का साया
और हुनर को चाइयै क्या?

और भी बहुत कुछ अच्छा सुनने को मिलेगा दोस्तों
अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मशहूर शायर और गीतकार पवन दीक्षित से दनकौर द्रोण नाट्य मंडल द्वारा आयोजित विराट कवि सम्मेलन मे..
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