(आशीष सिंघल)

शनिवार दिनांक 15 /12/18 को पढ़े भारत बढ़े भारत के अंतर्गत बीआरसी दनकौर पर लर्निंग आउटकम . टर्म 2 प्रशिक्षण में अंतिम बैच के प्रशिक्षण का समापन किया गया   कमल सिंह वरिष्ठ प्रवक्ता जिला शिक्षा एवम् प्रशिक्षण संसथान गौतम बुद्ध नगर, ने कहा कि  बच्चों में मांनसिक गतिविधियों के द्वारा ही लर्निंग आउटकम प्राप्त किये जा सकते है। जिससे
बच्चों में तर्क कल्पनाशक्ति का विकास हो।
अन्तिम बैच में कुल 74 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।।
शिक्षको के परफोर्मिंग इंडीकेटर्स, 
एवम बच्चों के लर्निंग इंडिकेटर्स के डाटा को शेयर किया गया ।।
प्रशिक्षण का महत्त्व एवम् लर्निंग आउटकम को  कैसे बढ़ाया जाए इस बिंदु पर डीआरटी अशोक कुमार ने फोकस करते हुए प्रतिभागियों के साथ चर्चा की।

डीआरटी मनोज कुमार व बीआरटी ज्ञान चंद ने ERAC के ट्रेंड में शिक्षको से कलरव , गिनतारा में माह दिसम्बर में पढ़ाये जाने वाले पाठ के लेसन प्लान तैयार कराये गए एवम् उनका प्रजेंटेशन कराया गया।

बीआरटी उमेश कुमार राठी व रामकुमार शर्मा  ने बताया कि किसी पाठ्योजना के निर्माण में .  मौखिक वार्तालापत , 
रीडिंग , written के प्रश्नों में जानकारी , प्रक्रिया , तर्क , कल्पना आधारित सवाल करना अति महत्वपूर्ण है एवम् हमें
क्या करना है ?
कैसे करना है 
क्यो करे?
वार्तालाप .....जुड़ाव.....ठहराव.....सीखने में सुधार ...लक्ष्यकी प्राप्ति ...
बीआरटी आरती कुलश्रेष्ठ व अशोक कुमार ने गणित शिक्षण में ई एल पी एस और वार्तातलाप   ....के स्तर  पर चर्चा की कि वार्तालाप
1. बच्चों के स्तर के हो 
2.परिवेशीय हो 
3  रुचिकर हो , 
4 सहज सरल हो
5 ...उत्साहवर्द्धक हो

 सभी डीआरटी एवम् बी आर टी , संदर्भदाताओं  ने अपने सत्र को बहुत ही व्यवहारिक तरीके से समझकर कई मांसिक गतिविधियां करायी। खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह पवार ने प्रशिक्षण के विषय में प्रतिभागियों से पूछा और प्रशिक्षण  की सराहना करते हुए बताया कि जो प्रतिभागी किन्हीं कारणों से प्रशिक्षण से रह गए हैं उन्हें 20 दिसंबर से पहले प्लान करके प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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