आशीष सिंघल नोएडा:
भारतीय संस्कृति की सुगंध को संपूर्ण विश्व में बिखेरने वाले युवा सन्यासी स्वामी विवेकानंद साहित्य, दर्शन और इतिहास के प्रकांड विद्वान थे, उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में निरंतर रहने का आह्वान किया। जिससे वह युवाओं के आदर्श बन गए। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। स्वामी जी वेदांत परम ज्ञान के महान ज्ञाता थे। उनके सम्मान में 12 जनवरी को जो उनका जन्म दिवस है, को भारत में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है तथा राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई द्वारा 12 से 19 जनवरी तक राष्ट्रीय युवा सप्ताह का आयोजन किया जाता है, उक्त बातें कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कैलाश नाथ दूबे ने कहीं। वह स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में शनिवार को चन्द्रकान्ता महाविद्यालय, पिरबीयावानी में राष्ट्रीय युवा दिवस सप्ताह समारोह के शुभारंभ पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे उन्होंने कहा कि स्वामी जी देश के युवाओं के प्रेरणा स्रोत थे और उन्होंने भारतवर्ष का परचम पूरे विश्व में फहराया। गोष्ठी में उपस्थित छात्र/छात्राओ को संबोधित करते हुए, मुख्य अतिथि त्रिलोकी नाथ मिश्र ने कहा कि राष्ट्र के प्रति युवाओं में चेतना जागृत करने के लिए जो अभियान राष्ट्रीय सेवा योजना ने शुरू किया है, वह अत्यंत सराहनीय है देश के विकास में युवाओं का अहम योगदान है। आज आवश्यकता है हमारे देश के युवाओं को स्वामी विवेकानंद जी के विचारों व उनके चारित्रिक जीवन को आत्मसात करने की। इस दौरान मंच संचालक राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ विप्लव ने युवा सप्ताह के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि, 13 जनवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रम, 14 जनवरी को सहभागिता दिवस, 15 जनवरी को सामाजिक दिवस ,16 जनवरी को शारीरिक दक्षता दिवस, 17 जनवरी को सांप्रदायिक सद्भाव दिवस, 18 जनवरी को कौशल विकास के रूप में व 19 जनवरी को कॉलेज में पुरस्कार वितरण व युवा सप्ताह कार्यक्रम के समापन समारोह का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है। दीपेंद्र पाल सिंह ने स्वामी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बहुत छोटी सी उम्र में ही स्वामी जी ने अपने जीवन में बहुत बड़े व अच्छे कार्य किए तथा युवा हृदयी सम्राट कहलाए उन्होंने भारत देश का प्रतिनिधित्व भारत देश में ही नहीं अपितु विदेशों में भी किया जिसका उदाहरण शिकागो में शून्य जैसे विचित्र विषय पर भाषण देना रहा। इस दौरान कार्यक्रम के आगे के क्रम में अनेक अध्यापको ने भी अपने विचार रखे और स्वामी विवेकानंद जी के अद्भुत जीवन से प्रभावित होकर उनके बातों को आत्मसात करने के लिए संकल्पित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान समाजसेवी कैलाश नाथ दुबे, पूर्व प्रवक्ता त्रिलोकी नाथ मिश्र, राज्य प्रशिक्षका प्रीति शुक्ला, राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक आनंद चौधरी, हॉरून खान, डॉ संजीव कुमार, नवजीत कुमार, मनोज कुमार, हरेन्द्र कुमार, विपिन पाठक, महताब अहमद ,आदर्श पांडे, कमलेश कुमार, प्रदीप चौरसिया, रूपेश मिश्र, सोनू उपस्थित रहे!
भारतीय संस्कृति की सुगंध को संपूर्ण विश्व में बिखेरने वाले युवा सन्यासी स्वामी विवेकानंद साहित्य, दर्शन और इतिहास के प्रकांड विद्वान थे, उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में निरंतर रहने का आह्वान किया। जिससे वह युवाओं के आदर्श बन गए। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। स्वामी जी वेदांत परम ज्ञान के महान ज्ञाता थे। उनके सम्मान में 12 जनवरी को जो उनका जन्म दिवस है, को भारत में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है तथा राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई द्वारा 12 से 19 जनवरी तक राष्ट्रीय युवा सप्ताह का आयोजन किया जाता है, उक्त बातें कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कैलाश नाथ दूबे ने कहीं। वह स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में शनिवार को चन्द्रकान्ता महाविद्यालय, पिरबीयावानी में राष्ट्रीय युवा दिवस सप्ताह समारोह के शुभारंभ पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे उन्होंने कहा कि स्वामी जी देश के युवाओं के प्रेरणा स्रोत थे और उन्होंने भारतवर्ष का परचम पूरे विश्व में फहराया। गोष्ठी में उपस्थित छात्र/छात्राओ को संबोधित करते हुए, मुख्य अतिथि त्रिलोकी नाथ मिश्र ने कहा कि राष्ट्र के प्रति युवाओं में चेतना जागृत करने के लिए जो अभियान राष्ट्रीय सेवा योजना ने शुरू किया है, वह अत्यंत सराहनीय है देश के विकास में युवाओं का अहम योगदान है। आज आवश्यकता है हमारे देश के युवाओं को स्वामी विवेकानंद जी के विचारों व उनके चारित्रिक जीवन को आत्मसात करने की। इस दौरान मंच संचालक राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ विप्लव ने युवा सप्ताह के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि, 13 जनवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रम, 14 जनवरी को सहभागिता दिवस, 15 जनवरी को सामाजिक दिवस ,16 जनवरी को शारीरिक दक्षता दिवस, 17 जनवरी को सांप्रदायिक सद्भाव दिवस, 18 जनवरी को कौशल विकास के रूप में व 19 जनवरी को कॉलेज में पुरस्कार वितरण व युवा सप्ताह कार्यक्रम के समापन समारोह का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है। दीपेंद्र पाल सिंह ने स्वामी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बहुत छोटी सी उम्र में ही स्वामी जी ने अपने जीवन में बहुत बड़े व अच्छे कार्य किए तथा युवा हृदयी सम्राट कहलाए उन्होंने भारत देश का प्रतिनिधित्व भारत देश में ही नहीं अपितु विदेशों में भी किया जिसका उदाहरण शिकागो में शून्य जैसे विचित्र विषय पर भाषण देना रहा। इस दौरान कार्यक्रम के आगे के क्रम में अनेक अध्यापको ने भी अपने विचार रखे और स्वामी विवेकानंद जी के अद्भुत जीवन से प्रभावित होकर उनके बातों को आत्मसात करने के लिए संकल्पित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान समाजसेवी कैलाश नाथ दुबे, पूर्व प्रवक्ता त्रिलोकी नाथ मिश्र, राज्य प्रशिक्षका प्रीति शुक्ला, राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक आनंद चौधरी, हॉरून खान, डॉ संजीव कुमार, नवजीत कुमार, मनोज कुमार, हरेन्द्र कुमार, विपिन पाठक, महताब अहमद ,आदर्श पांडे, कमलेश कुमार, प्रदीप चौरसिया, रूपेश मिश्र, सोनू उपस्थित रहे!



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