(आशीष सिंघल) 
चीन जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अज़हर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने पर अपने रुख़ की समीक्षा कर सकता है. हालांकि पुलवामा में हमले की चीन ने निंदा की लेकिन अज़हर मसूद को लेकर कोई ठोस बात नहीं कही थी.
चीन अज़हर मसूद पर कोई भी निर्णय लेने से पहले सारे विकल्पों पर विचार कर रहा है. चीन के लिए यह संवेदनशील मुद्दा है क्योंकि इससे पाकिस्तान से संबंधों पर असर पड़ सकता है.
चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने में भारत की कोशिशें पहले नाकाम कर चुका है. चीन यूएन सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य है और वो हर बार मसूद अज़हर को लेकर वीटो करता रहा है.
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को संदेश भेजकर इस हमले की निंदा की है. दूसरी तरफ़ चीनी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर विदेश मंत्रालय का एक बयान है जिससे संकेत मिल रहे हैं कि चीन मसूद अज़हर पर अपना रुख़ बदल सकता है.
इस बयान में कहा गया है कि चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मसूद अज़हर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की बैठक में हिस्सा लेगा और इसमें वो वस्तुनिष्ठता, निष्पक्षता और पेशेवर रुख़ दिखाएगा.
चीन ने कहा है, ''हम इस मामले में सभी संबंधित देशों से संपर्क में हैं और इसमें भारत भी शामिल है. हालांकि ये भी कहा जा रहा है कि चीन इतनी आसानी से नहीं मान जाएगा और वो इसके लिए भारत से कुछ तोल-मोल कर सकता है.
साभार बीबीसी न्यूज़ हिंदी 
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