(आशीष सिंघल ग्रेटर नॉएडा)
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बच्चों के सीखने में सुधार के लिए कक्षा प्रक्रियाओं और शिक्षक के प्रदर्शन में सुधार होना जरूरी है। और शिक्षक प्रदर्शन में सुधार के लिए उनकी मानीटरिंग और सपोर्ट से जुड़ी संस्थाओं, समूहों के प्रदर्शन में सुधार लाना होगा। और इसके लिए हर स्तर पर प्रेरणा और प्रोत्साहन पहली आवश्यकता होती है।
इसी संकल्पना से उत्तर प्रदेश की प्रारम्भिक शिक्षा में सुधार के लिए इस वर्ष से प्रोजेक्ट टेलोस लागू किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन के लिए प्रदेश स्तर पर राज्य सन्दर्भ समूह (SRG) और जिलों में एकादमिक सन्दर्भ समूह (ARG) का गठन किया गया है। गौतमबुद्ध नगर से आकांक्षा सक्सेना, स अध्यापक जूनियर हाई स्कूल आगहपुर, रश्मि त्रिपाठी स अध्यापक जूनियर हाई स्कूल बादौली बंगर और अशोक कुमार प्रधानाध्यापक प्राइमरी स्कूल समसपुर का एसआरजी के रूप में चयन किया गया है।
राज्य स्तर पर चयनित एसआरजी की पहली कार्यशाला 4-7 नवम्बर की अवधि में लखनऊ में सम्पन्न हुई। इस कार्यशाला में प्रोजेक्ट के विविध पहलुओं- सीखने की प्रक्रिया, विविध विषयो के शिक्षण तरीके, लर्निंग आउटकम, शिक्षक प्रदर्शन मानक, अकादमिक सन्दर्भ समूह के प्रदर्शन मानक जैसे मुद्दों पर प्रतिभागियों के साथ चर्चा-विमर्श करते हुए कामन समझ बनाने का प्रयास हुआ। साथ ही साथ एसआरजी सदस्यों के कौशल विकास के लिए शिक्षण के लिए गतिविविधयों और प्रशिक्षण के सत्रों के संचालन के अभ्यास सत्र भी आयोजित किए गए। जहां प्रतिभागियों ने चयनित टापिक पर आधारित गतिविधियों, प्रशिक्षण सत्रों का के अभ्यास किए।
कार्यशाला के तीसरे दिन महानिदेशक स्कूली शिक्षा और निदेशक समग्र शिक्षा उत्तर प्रदेश श्री विजय किरण आनन्द ने प्रतिभागियों के बीच उपस्थित होकर उनका मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन करते हुए मिशन प्रेरणा के विविध पहलुओं के बारे में विस्तार से समझाया।
कार्यशाला की एक विशेष बात यह रही कि हर दिन के अन्त में प्रतिभागियों के सीखने और समझ का आकलन दो तरीकों से किया जाता रहा - आनलाईन वोटिंग और मोबाईल आधारित टेस्ट। हर एक प्रतिभागी दिए गए लिंक पर उपलब्ध प्रश्नावली का उत्तर भरा और उनको वोटिंग के नतीजे तुरन्त की प्रदर्शित किए गए। जबकि दिए गए लिंक पर स्व आकलन की प्रश्नावली को पूरा कराते हुए उनको कंसालिडेट किया गया और अगले दिन की कार्यशाला में उस आधार पर इनपुट के स्वरूप में बदलाव किया जाता रहा।
कार्यशाला के आखिरी दिन हर प्रतिभागी को कुछ टास्क दिए गए - अपने स्कूल में कम से कम 12 प्रकार की गतिविधियां करना, 5 शिक्षक को बदलना, एक एसएमसी से बात करना और अपने जिले के शैक्षिक परिदृश्य की समझ के लिए उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण करना। प्रतिभागियों के स्वविकास के लिए भी उनको समयबद्ध योजना बनवाई गई।
कार्यशाला का संचाालन Ignus Pahal टीम- Subir Shukla, Surendra Prasad Singh, Tushar Tamhne, Deepti Srivastav, Gurjot Sidhu, Mukesh Bhargav, Avanish Yadav, और Sudarshan Yadav ने किया।
कार्यशाला के आयोजन में युनिसेफ और समग्र शिक्षा उत्तर प्रदेश की टीम Shikha Shukla विशेषज्ञ गुणवत्ता प्रकोष्ठ, Phool Mohammad Ansari सलाहकार गुणवत्ता प्रकोष्ठ और Shubhrnshu Upadyay सलाहकार एससीईआरटी का विशेष योगदान रहा।







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