दनकौर आशीष सिंघल: 

विधानसभा चुनाव 2017 में चुनाव आयोग द्वारा काफी संख्या में निजी वाहनों का उपयोग किया था। मगर करीब 21 महीने बाद भी तय धनराशि का भुगतान नही किया गया। इससे वाहन चालकों में रोष व्याप्त है।
इसका खुलासा दनकौर क्षेत्र के अच्छेजा बुजुर्ग गांव निवासी सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविष्ट सलीमुद्दीन सोलंकी द्वारा जनहित में डाली गई आरटीआई से हुआ है। उनके द्वारा विधान सभा चुनाव 2017 में निजी वाहनों के सम्बंध में आरटीआई एक्ट के तहत सूचनाएं मांगीं गईं थीं। जिसके बाद यह खुलासा हुआ कि 9 फरवरी 2017 से 22 फरवरी 2017 तक चुनाव आयोग ने करीब 228 निजी वाहनों का उपयोग किया। विधानसभा चुनाव सम्पन्न कराए जाने हेतु अधिग्रहित किये गए निजी वाहनों को ईंधन और चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित प्रतिदिन किराया दिया जाना था। चुनाव में लगे निजी वाहन स्वामियों को करीब 36 लाख रुपये धनराशि उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है। मांगी गई सूचना में यह बताया गया है कि विधान सभा चुनाव सम्पन्न कराए जाने हेतु चुनाव आयोग द्वारा कोई धनराशि स्वीकृत नही की गई है। अनुदान प्राप्त नही होने के कारण अभी किसी को भी भुगतान नही किया गया है। वहीं बताया गया है कि किसी भी अधिकारी के द्वारा भुगतान नही रोका गया है। चुनाव आयोग द्वारा अनुदान प्राप्त होने के बाद भुगतान कर दिया जाएगा।
मोटर परिवहन निरीक्षक द्वारा यह बताया गया है कि अधिग्रहित किये गए वाहनों का किराया बिल अनुदान के अभाव में आंकिक शाखा में लंबित है। अनुदान हेतु पुलिस मुख्यालय प्रयागराज पत्राचार किया गया है।
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