• पुलवामा से करीब 10 किलोमीटर दूर पिंगलन में मुठभेड़, एक नागरिक की भी मौत
  • इलाके में 2-3 आतंकी छिपे होने की खबर, सर्च ऑपरेशन जारी

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर में पुलवामा से करीब 10 किलोमीटर दूर पिंगलन में सोमवार सुबह आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान सेना के चार जवान शहीद हो गए। इनमें एक मेजर भी शामिल हैं। सभी शहीद 55 राष्ट्रीय राइफल्स के थे। एक आम नागरिक के भी मारे जाने की खबर है। इलाके में जैश-ए-माेहम्मद के 2-3 आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलने के बाद सेना और सुरक्षाबलों ने इन्हें घेर लिया। सर्च ऑपरेशन अभी जारी है।
पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड की मौजूदगी की भी खबर
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि सेना को इलाके में तीन आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी। बताया जा रहा है इनमें पुलवामा हमले की साजिश रचने वाला अब्दुल रशीद गाजी भी था। हालांकि, ये आतंकी फरार होने में कामयाब हो गए। उनकी तलाश जारी है।

जम्मू-कश्मीर में बीते चार दिनों ने सेना और सुरक्षाबलों के 45 जवानों ने जान गंवाई है। 14 फरवरी को पुलवामा में हुए फिदायीन हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। शनिवार को राजौरी के नौशेरा सेक्टर में एक आईईडी को नाकाम करते वक्त सेना के मेजर चित्रेश बिष्ट शहीद हो गए थे। 14 जनवरी को हुए हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-माेहम्मद ने ली है। विस्फोटकों से भरी गाड़ी के जरिए किया गया यह अब तक का सबसे बड़ा हमला था। इससे पहले अक्टूबर 2001 में कश्मीर विधानसभा पर भी इसी तरह हमला हुआ था। इसमें 38 मौतें हुई थीं।

शहादत बेकार नहीं जाएगी- मोदी
पुलवामा हमले पर प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी ने कहा, "‘पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हमला घृणित है। जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। पूरा देश जवानों के परिवार के साथ खड़ा है।'' राहुल ने भी इस हमले पर दुख जाहिर किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह कायराना हरकत से मैं बुरी तरह व्यथित हूं।''
आशीष सिंघल 
साभार दैनिक भास्कर डॉट कॉम 


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