आशीष सिंघल ग्रेटर नोएडा:


ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई 1बिरोडा रामलीला मैदान में श्री धार्मिक रामलीला कमेटी की ओर से अपनी परंपरा के अनुसार गणेश पूजन और मुख्य अतिथि पूर्वमंत्री हरिश्चन्द्र भाटी के पी कसाना पुलिस उपाधीक्षक अमित कुमार श्रीवास्तव रहे मीडिया प्रभारी चैनपाल प्रधान ने बताया की विधिवत तरीके से रामलीला का सुंदर मंच और गीत संगीत से सजी रामलीला के मंच पर विश्वमोहिनी के रूप से मोहित देवऋषि नारद के मोह का मंचन किया गया। हिला इंद्र का आसन, विश्वमोहिनी पर रिझे नारद

नारद मुनि हिमालय की गुफा में तपस्या कर रहे थे। इस तपस्या से देवराज इन्द्र भयभीत हो उठे कि कहीं नारद अपने तप के बल से इन्द्रपुरी को अपने अधिकार में न ले लें। इंद्र ने कामदेव को नारद का तप भंग करने के लिए भेजा। मगर कामदेव, रंभा और अप्सराएं नारद का तप भंग करने में नाकाम रहे। हारकर कामदेव ने देवर्षि के चरणों में गिरकर क्षमा मांग ली। विष्णु ने माया से सुंदर नगर रच डाला, जहां शीलनिधि राजा की पुत्री विश्वमोहिनी का स्वयंवर हो रहा था। नारद विश्वमोहिनी के सौंदर्य से मोहित होकर उसके स्वयंवर में जा पहुंचे। नारद ने हरि से उनका रूप पाने का वरदान मांगा था चुकि हरि मतलब बंदर भी होता है इसलिए नारद बंदर का रूप धारण कर स्वयंवर जा पहुंचे। स्वयंवर में विश्वमोहिनी ने नारद की नहीं बल्कि विष्णु के गले में माला डाली जिससे नारद गुस्से में वहां से चले गए और बाहर जाकर पानी में अपनी छाया देखी तब उन्हें बंदर के रूप में होने का अहसास हुआ। तब नारद ने विष्णुजी से कहा कि तुमने मेरे साथ छल किया है। इसलिए मैं तुम्हें तीन श्राप देता हूं। तुम मनुष्य के रूप में जन्म लोगे। दूसरा तुमने हमें स्त्री वियोग दिया, इसलिए तुम्हें भी स्त्री वियोग सहकर दुखी होना पड़ेगा और जिस तरह हमें बंदर का रूप दिया है, इसलिए बंदर ही तुम्हारी सहायता करेंगे। दूसरे दिन यह दृश्य दर्शाया गया। मंच पर जोधपुर के कलाकारों व संरक्षक सुशील गोस्वामी जी महाराज के कुशल नेतृत्व में कलाकारों ने प्रस्तुति दी अध्यक्ष आनंद भाटी राजकुमार नागर अजय नागर ममता तिवारी महेश शर्मा मीडिया प्रभारी चैनपाल प्रधान धर्मेन्द्र भाटी बालकिशन सफीपुर जितेंद्र भाटी कई सदस्य मौजूद थे।
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