शफ़ी मोहम्मद सैफ़ी ग्रेटर नोएडा।
इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में चल रहे आईएचजीएफ-दिल्ली मेला शरद 2018 के 46वें संस्करण के दौरान बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव,  अनूप चंद्र पांडे (आईएएस) ने बेस्ट डिजाइन व डिस्प्ले स्टैंड के लिए अजय शंकर मेमोरियल अवार्ड वितरित किए। इस समारोह के दौरान जीएनआईडीए के सीईओ  नरेंद्र भूषण, अरुण वीर सिंह, CEO, YEIDA,  जिला मजिस्ट्रेट  बी एन सिंह, एसएसपी (गौतमबुद्ध नगर)  अजयपाल शर्मा,   ईपीसीएच के चेयरमैन  ओ पी प्रहलादका, मेले के मौजूदा संस्करण की प्रेसिडेंट  जेसमिना जेलियांग, मौजूदा संस्करण के वाइस प्रेसिडेंट  मोहन सिंह  और अहमद अकबर अली सुंदरानी, परिषद के वाइस चेयरमैन  आर के पासी व  सागर मेहता के साथ-साथ प्रशासनिक समिति के प्रमुख सदस्य मौजूद रहे।  मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक  राकेश कुमार ने कहा कि देश के कुल हस्तशिल्प निर्यात में उत्तर प्रदेश का 45 फीसदी योगदान है, जो कि हाथ से बुने कारपेट को छोड़कर करीब 10 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक का होता है कुमार ने आगे कहा कि राज्य सरकार को और भी ज्यादा सामान्य सुविधा केंद्र स्थापित करने पर जोर देना चाहिए ताकि शिल्पकारों और निर्यातकों की जरूरतों को पूरा किया जा सके।  उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश देश ऐसा एकमात्र राज्य जहां प्रदेश स्तर पर निर्यात संवर्धन परिषद है और इसने एक जिला-एक उत्पाद जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा की है.उन्होंने कहा कि ईपीसीएच यमुना एक्सप्रेस वे पर 200 एकड़ में फैले एक हैंडीक्राफ्ट पार्क स्थापित करने के बारे में गंभीरता से विचार कर रही है और इसके लिए राज्य सरकार से सब्सिडी पर जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है. एक्सपो मार्ट के बाद यह पार्क ईपीसीएच के लिए एक अन्य महत्वाकांक्षी परियोजना साबित होगी और इससे इस क्षेत्र में 5 हजार करोड़ रुपए का निवेश आएगा तथा यहां के लघु कॉटेज सेक्टर के लोगों को मदद मिलेगी।
इस दौरान मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) के तहत उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प क्षेत्रों के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है और इससे राज्य के शिल्पकारों व निर्यातकों को मजबूती मिलेगी. इस अवसर पर अपना विचार व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव  अनूप चंद्र ने कहा कि राज्य में हस्तशिल्प की समृद्ध विरासत है और इसके विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार के हस्तशिल्प तैयार किए जा रहे हैं. राज्य में विभिन्न शिल्पों के 15 लाख से भी ज्यादा शिल्पकार हैं. साल 2017-18 के दौरान राज्य का हस्तशिल्प निर्यात 10225.10 करोड़ रुपए रहा जो कि देश के कुल हस्तशिल्प निर्यात (23,029 करोड़ रुपए) का करीब 44.4 फीसदी है। उत्तर प्रदेश में विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए मुख्य सचिव ने ईपीसीएच की तारीफ भी की. बता दें कि परिषद ने हस्तशिल्प के विकास के लिए यहां सामान्य सुविधा केंद्र, नेशनल सेंटर फॉर फोटो एंड पिक्चर फ्रेमिंग टेक्नोलॉजी, सहारनपुर में टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन सेंटर, मुरादाबाद में रिर्सोस सेंटर और सबसे महत्वपूर्ण ग्रेटर नोएडा में इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट की स्थापना की है।
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